Friday, July 10, 2020
उत्तर प्रदेशस्पेशल

अपने कर्तव्यों के प्रति वचनबध्द व अडिग पूर्व डीजीपी का, एक रूप ऐसा भी

राजसत्ता पोस्ट

 

पुलिस अधिकारी अपनी सख्ती और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते है , अगर वो ही पुलिस अधिकारी पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठा ले तो उसे भी बखूभी उसी तन्मयता से अंजाम देते है ।

हम बात कर रहे है उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ब्रजलाल जी के विषय मे ,1977 बैच के आईपीएस अधिकारी, पूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस, ब्रजलाल जी नवंबर 2014 में सेवानिवृत्त हुए थे, 2015 में उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया और 2018 में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष बनाये गए।
ब्रज लाल जी पर्यावरण संरक्षण के प्रति गम्भीर है इसका प्रतिबिंब आये दिन उनकी सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में देखने को मिलता है ।

कल(22-6-20) को विलुप्त होती जा रही गौरेया के विषय मे उन्होंने लिखा ” शाम 6.50 बजे अपने आवास के सामने घूम रहा था कि मेरी नज़र बगिया की सूखी झाड़ पर पड़ी।यह क्या- यहाँ तो गौरैया की पंचायत चल रही है।अपने बसेरे में जाने के पहले खुली जगह पर गौरैया इकट्ठा होती है और ऐसा लगता है कि दिन भर के क्रिया- कलाप और अगले दिन की योजना पर गम्भीर चर्चा कर रही है।”

 

गौरैया का ब्रीडिंग सीजन ख़त्म हो रहा है और नवजात शिशु भी आत्मनिर्भर हो गये है। गौरैया के जोड़े अपने बच्चों को नरम कीड़े- मकोड़े खिलाते है।उनके बच्चे अब कीड़े के अलावा माँ- बाप की तरह दाना भी चुगने लगे है। मैं इनके लिए टूटे चावल, बाजरा और काकुन खिलाता हूँ, ग्रीन गार्डेन में कीड़ों की कमी नही जो इन गौराइयों के भोजन बन जाते है।

 

 

मैंने अपने घर और ग्रीनबेल्ट में इनके घोंसले लगाये थे,अब गौरैया मेरे परिवार की सदस्य बन गयी है। संख्या भी आधा सैकड़ा पार कर गयी है।सुबह की नीद इनके चह-चहाहट से खुलती है और दिन भर इनका कलरव गुंजायमान रहता है।