कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने और गृह मंत्री अमित शाह का अपमान करने के मामले में शीर्ष अदालत ने फारूकी को जमानत दे दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने मुनव्वर के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर दर्ज मामलों को क्लब करते हुए इंदौर ट्रांसफर कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “तथ्यों, परिस्थितियों और कोर्ट के पिछले आदेश को ध्यान में रखते हुए हम सभी शिकायतों को इंदौर ट्रांसफर करते हैं. हमने याचिका को रद्द करने की मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है. अगर कोई याचिका उपयुक्त कोर्ट के सामने दायर की जाती है तो उसे मेरिट के आधार पर कानून के अनुसार माना जाएगा. याचिकाकर्ता को दिल्ली पुलिस द्वारा तीन सप्ताह के लिए वारंट पेश करने के खिलाफ अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जाता है. हमने पहले ही अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी है, इसे पूर्ण बनाया जाता है.”

एक जनवरी, 2021 को हुई थी मुनव्वर की गिरफ्तारी

फारूकी को पहले 1 जनवरी, 2021 को मध्य प्रदेश पुलिस ने स्टैंड-अप शो के दौरान हिंदू देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. एमपी पुलिस ने हिंदू रक्षक संगठन के अध्यक्ष एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत पर एक्शन लिया था.

एमपी हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका

फारूकी की जमानत याचिका को पहले एक सेशंस कोर्ट ने खारिज कर दिया था और उसके बाद उस 28 जनवरी, 2021 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी रद्द कर दिया था. एमपी हाई कोर्ट ने जस्टिस रोहित आर्य ने फारूकी को जमानत से इनकार करते हुए अपने आदेश में कहा था कि जब्त की गई सामग्री और गवाहों के बयान के संबंध में जांच चल रही है, इसलिए जमानत देने के लिए कोई मामला नहीं बनता है. सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2021 में मुनव्वर को अंतरिम जमानत दे दी थी और एक अलग मामले में फारुकी के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस के पेशी वारंट पर रोक लगा दी थी. यह सुरक्षा आज पूर्ण रूप से की गई है.

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