प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाइजिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (Hygia Group of Institution) के मुख्य प्रवर्तक सहित तीन लोगों को 75 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति कोष का गबन करने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया. मालूम हो कि इस मामले में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न जिलों में फरवरी महीनें में छापेमारी की गई थी. आरोप है कि समूह ने उत्तर प्रदेश के कुछ संस्थानों के आर्थिक रूप से कमजोर, अल्पसंख्यकों और दिव्यांग छात्र को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि का गबन किया है. वहीं इस मामले में जांच के दौरान छात्रों ने बताया कि उन्हें छात्रवृत्ति से संबंधित कोई जानकारी नहीं है.

एजेंसी ने जारी बयान में कहा कि इस मामले में इजहार हुसैन जाफरी, अली अब्बास जाफरी और रवि प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार कर धनशोधन निषेध अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने तीनों को पांच दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया. वहीं जारी बयान के मुताबिक इस मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में फरवरी महीने में छापेमारी की गई थी.

कैसे कर रहे थे घोटाला?

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक ये लोग हाइजिया ग्रुप ऑफ कॉलेजस के जरिये छात्रवृत्ति ‘घोटाला’ कर रहे थे. वे अयोग्य व्यक्तियों के आधार नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल कर उन्हें छात्र दिखाते थे और ‘फर्जीवाड़ा’ कर छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करते थे. वहीं इस मामले में जांच के दौरान कई छात्रों से बात की गई.

छात्रों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि उनके नाम पर छात्रवृत्ति की योजना का लाभ लिया जा रहा है. उन्हें इन सबके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं. एजेंसी ने बताया कि तीनों ने फिनो पेमेंट बैंक के एजेंट के साथ मिलकर ‘साजिश’ रची और छात्रों के खातों से छात्रवृत्ति की राशि का स्थानांतरण हाइजिया ग्रुप ऑफ कॉलेजस, अन्य व्यक्तियों और संस्थानों के खातों में कराया है.

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